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फिल्म संगीत-इबादत से हिमाकत तक

फिल्म संगीत-इबादत से हिमाकत तक

संगीत इबादत है । कहते हैं संगीत यज्ञ है । ये कहा जा सकता है । अल्लाह तेरो नाम, कोई बोले राम राम कोई खुदाए, जैसे सूरज की गरमी से तपते हुए तन को, मन तड़पत हरि दर्शन को आज, इंसाफ का मंदिर है ये भगवान का घर है जैसे गीत बनते रहे तो लगता […]