Hindi Archives - Kalnirnay
Thursday, 14 November 2019 14-Nov-2019

Category: Hindi

डॉक्टर | Bone Setter | Bone setter mumbai | Chiropractor | Hand held techniques

ऐसे भी कुछ इंसान हैं…

Published by जितेंद्र भाटिया on   September 23, 2019 in   2019HindiReaders Choice

  बहुत से करीबी और जाने-माने डॉक्टर मित्रों के बावजूद पिछले कुछ वर्षों से चिकित्सा एवं उपचार के आधुनिक उपायों या इनका व्यवहार करने वाले शहरी डॉक्टरों की सदाशयता में मेरा विश्वास कम हो चला है। इस बात का ‘जनरलाइजेशन’ काफी कठिन है लेकिन इस ‘नोबल’ व्यवसाय में मुनाफे की चाहत सबसे मुखर हो गयी

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पानी पीना | Drinking Water | Drinking Water Benefits | Drinking Water Safety Tips

पानी पीना है लाभकारी

Published by Kalnirnay on   September 21, 2019 in   2019Hindi

  अक्सर हमसे कहा जाता है या हम सुनते रहते हैं कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें रोज बहुत पानी पीना चाहिए, पर हम यह ठीक से नहीं जानते कि वाकई में पानी कब, कितना और कैसे पीना श्रेष्ठ है| इस बारें में हम यहां कुछ जानकारी दे रहे हैं: चेहरे पर चमक: सबसे महत्त्वपूर्ण

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वाघा बोर्डर | Wagah Border | India | Pakistan | Wagah Border Today

वाघा बोर्डर पर देशभक्ति का ज्वार – मधु कांकरिया

Published by मधु कांकरिया on   August 14, 2019 in   2019Hindi

  (वाघा बोर्डर) सीमा पर पहुंचते ही आप, आप नहीं रहते। आपके जींस बदल जाते हैं क्योंकि सीमा पर पहुंचते ही देश आपको पुकारने लगता है, देशप्रेम का समुद्र आपके भीतर हिलोरे लेने लगता है और यदि यह सीमा हिंदुस्तान-पाकिस्तान की सीमा हो तो क्या बात है! देशभक्ति का हाई पॉवर नशा मरियल से मरियल

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महाभारत | Relationship with in laws | Mahabharat | In Law Issues | Mother and Daughter in Law

द्रौपदी- कुंती संबंध: सास-बहू संबंध का अनुठा प्रतिमान – डॉ. सुमित्रा अग्रवाल

Published by डॉ. सुमित्रा अग्रवाल on   July 25, 2019 in   2019Hindi

  महाभारत की नायिका द्रौपदी का संपूर्ण जीवन ही परंपराभंजक है | उसका जन्म होता है यज्ञ की ज्वाला में, वीर्यशुल्का होने पार भी विवाह होता है पांचों पांडवों से और जीवन का समापन होता है हिम की ठंडी ज्वलाओं में | इसी के साथ यह भी दृष्ट्व्य है कि द्रौपदी ने जो भी हार्दिक

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मीडिया | Working Ladies | Work From Home | Working Women

डिजिटल मीडिया से महिलाएं घर बैठे कर सकती हैं कमाई |

Published by भुवेन्द्र त्यागी on   May 31, 2019 in   2019HindiTechnoLogic

  २१ वीं सदी में महिलाओं की जिम्मेदारियां पहले से काफी बढ़ गई हैं। वे घर से बाहर निकलकर हर क्षेत्र(मीडिया) में काम कर रही हैं। गृहिणियों के लिए भी अब बहुत अवसर हैं। वे घर संभालने के साथ– साथ अपने कौशल, रुचि और ज्ञान के अनुसार बहुत से काम कर रही हैं। इससे उन्हें

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एक और ग्रहण, शपथ-ग्रहण

Published by घनश्याम अग्रवाल on   February 15, 2019 in   Hindi

एक होता है चंद्रमा, एक होती है  धरती और एक होता है सूरज। इसी प्रकार एक होती है जनता, एक होता है नेता और एक होती है कुर्सी। चंद्रमा धरती से छोटा है, धरती सूरज से छोटी होती है, सूरज सबसे बडा होता है। जनता नेता से छोटी होती है, नेता कुर्सी से छोटा होता

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रंगों और रेखाओं का सांस्कृतिक विन्यास – ‘रंगोली’

Published by डॉ. दीप्ती गुप्ता on   January 29, 2019 in   Hindi

हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की परंपरागत लोक-कला की अनेक धरोहरों में से एक धरोहर है ‘रंगोली’, जो ‘अल्पना’ के नाम से भी जानी जाती है। यह युगों से सांस्कृतिक आस्थाओं का प्रतीक रही है। मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यता में भी रंगोली के प्राचीन रूप के दर्शन होते हैं। हमारे पुराणों में रंगोली से संबंधित अनेक

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सोशल मीडिया का गुलाम न बनें

Published by Anil Atri on   December 8, 2018 in   Hindi

सोशल मीडिया का गुलाम न बनें! पर क्यूँ?  कंप्‍यूटर के बाद मोबाइल क्रांति ने दुनिया को इतना सीमित कर दिया है कि कभी-कभी ऐसा लगता है कि सचमुच पूरी दुनिया हमारी मुट्ठी में कैद होकर रह गई है। इसके पहले तकनीक ने मानव जीवन को इस हद तक पहले कभी नहीं बदला था। आज हम

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रीमिक्स! यानी नई बोतल में पुरानी शराब

Published by Raviraj Pranami on   November 15, 2018 in   Hindi

संगीत साउंड इंजिनियरिंग के लगातार होते जा रहे विकास की कहानी है। जैसे जैसे म्यूजिक के री-प्रॉडक्शन का विज्ञान तरक्की करता गया म्यूजिक का स्वरूप बदलता गया। म्यूजिक के री-प्रॉडक्शन स्तर के हिसाब से रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग होती रही। खासतौर पर फिल्मी गीतों में मिक्सिंग और री-मिक्सिंग तभी से होती आ रही है जबसे फिल्मों

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उनके बिना रहेंगे अपूर्ण

Published by Sudha Arora on   July 28, 2018 in   Hindi

हमारे यूनिवर्स में दो स्पेस हैं – एक बाहरी, एक भीतरी। बाहरी स्पेस को हमेशा भीतरी स्पेस से ज्यादा अहमियत दी गई। पुरुष बाहर गया, स्त्री के हिस्से घर की स्पेस आई। पैसा कमाने के लिए बाहर जाने-आने के बीच पुरुष के काम के घंटे निश्चित हुए, लेकिन स्त्री के काम की अवधि कभी तय

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